CPCT Typing English Matter - 30 July 2022 Shift 1
Time Duration - 15 Minutes.
Building confidence is not about ability, it is about belief. A healthy sense of belief in oneself
can go a long way. No one is born confident. Your confidence and beliefs are shaped by your
lived experiences that can cause you to question everything you thought you knew. When
you question your beliefs, it directly affects your ability to be confident. Therefore, knowing
how to maintain your confidence in the face of those low points is paramount. Here are
some effective ways to build confidence that is unshakeable. Create a strong personal belief
statement. Your belief statement should be both a distillation of your beliefs and a
statement of encouragement that reminds you of your capabilities. You should feel positive
and empowered when you say your belief statement to yourself. In order to create your
belief statement, take ten minutes to write down some challenges you have faced so far.
Spend ten more minutes generating some possible beliefs statements that sum up your
ability to overcome those challenges. Now, say out loud all the statements that you have
created. Choose the statement that evokes the most positive emotion and confidence in you
when you recite it. When you have finished, memorize this statement, write it on your
bathroom mirror or carry it in your pocket. Frequent recitation of your belief statement will
start to lay the foundation for an unshakeable confidence. The more you practice being
confident, the more confident you will be. There are things that you already know you are
good at or are capable of. The data from those past events can be helpful as you
intentionally practice being confident. Whenever you believe you can accomplish
something, use it as an opportunity to practice confidence. Simply expressing your
confidence out loud to yourself or others can have a truly transformative effect. The act of
sharing your belief with others allows them to validate and support you in that belief. When
they echo their confidence in you, it will help you in building confidence in yourself. You
have to strengthen your confidence like a muscle. Surround yourself with confident and
competent people. You are a reflection of both the people you spend time with and your
environment. Therefore, making sure that you are spending time with people who exhibit
confidence in themselves is important. Watching others exercise their confidence will help
deepen your belief and confidence in yourself. Their presence will not only serve as
reminder of how to be confident in tough times, but it will also remind you that you are not
alone on this journey. Note down your wins. When you have your wins written down, you
can always refer back to them as tangible examples of your capabilities and
accomplishments. When you believe in yourself and the belief is rooted in deep trust, there
is nothing that can shake your confidence. Remember to practice confidence daily, be
unafraid to create a belief statement that fires you up, track your wins, surround yourself
with confident people, and establish a foundation of trust. Practices like these will give you
the confidence to accomplish what is possible every day
CPCT Typing Hindi Matter -30 July 2022 Shift 1
समय अवधि - 15 मिनट।
किताबें ज्ञान का भंडार होती हैं। इनमें हर तरह का ज्ञान भरा होता है। ये इंसान की सबसे बेहतरीन मित्र होती हैं। किताबें हमेशा बेहतरीन
मित्र तथा पथ प्रदर्शक का काम करती हैं और ये इंसान को गलत राह पर चलने से हमेशा रोकती हैं। जन साधारण तक ये सुगमता से
पहुंच सकें इसलिए ही लिए समय समय पर किताब मेलों का आयोजन किया जाता रहा है। लोगों की किताबों से निकटता बढाने के लिए
व उनमें पठन पाठन की अभिरुचि पैदा करने के प्रयोजन से किताब और पाठकों के बीच दूरी कम करना बहुत जरूरी सा हो गया है।
इसके अलावा किताबें छप कर यदि केवल दुकानों तक सीमित रह जाती हैं या केवल किताब केंद्रों की शोभा बढाती हैं तो आम आदमी
उनसे अनभिज्ञ ही रह जाता है। ऐसे मेंकिताबों का प्रचार तथा प्रसार करना बहुत जरूरी हो जाता है। इस प्रयोजन को पूरा करने में
किताब मेले विशेष व उपयोगी भूमिका निभाते हैं। अब ऐसे मेलों की लोकप्रियता और भी अधिक बढती जा रही है। किताब मेले कितने
उपयोगी हैं इस विषय पर लोगों की हमेशा से ही दो राय रही हैं। पहली राय तो यह कि ये मेले दिखावा बन कर रह जाते हैं। पाठक वर्ग इन
तक पहुंच ही नहीं पाता। ये मेले सही तरीके से अपने प्रयोजनों की पूर्ति में सफल नहीं हो पाते हैं। लेकिन वहीं इसके विपरीत दूसरी राय
यह है कि किताब मेले बहुत उपयोगी होते हैं। जन साधारण तक किताबें पहुंचाने का तथा किताबों के विज्ञापन प्रकाशकों की बिक्री बढाने
का ये सबसे बेहतरीन जरिया हैं। मेरे विचार से किताब मेलों का आयोजन बहुत उपयोगी होता है। कई बार ऐसा होता है कि एक किताब
को खोजने के लिए हमें बाजार की कई दुकानों पर घूमना पड जाता है। कई बार तो जब वह किताब उस बाजार विशेष की किसी दुकान
पर नहीं मिलती तो हमें कई दूसरे बाजारों में भी घूमना पडता है। किताब मेलों में एक ही प्रयास में हम सभी प्रकाशकों व लेखकों तथा
मशहूर विचारकों की किताबें आसानी से मिल जाती हैं। यहां यानि की किताब मेलों में देश के ही नहीं अपितु विदेशी प्रकाशक भी अपनी
दुकान लगाते हैंजिससे यहां दुर्लभ किताबें भी सरलता से मिल जाती हैं। इतना ही नहीं पाठकों यानि ग्राहकों को लुभाने और अपनी बिक्री
बढाने के लिए वे प्रकाशक किताबों की कीमतों पर विशेष छूट भी देते हैं। ऐसे में पाठकों और क्रेताओं को दोहरा लाभ मिल जाता है।
किताब मेलों का आयोजन और भी उपयोगी एवं लोकप्रिय हो सकता है यदि इन मेलों को शहर में अनेक जगहों पर आयोजित किया जाए
तथा इनके आयोजन के पूर्व संचार साधनों से विधिवत लोगों को जानकारी दी जाए। किताबों को कम से कम कीमतों पर बेचा जाए
लेकिन इस तरह कि प्रकाशकों को घाटा भी न हो और पाठकों को लाभ भी मिल जाए। लेकिन फिलहाल ऐसे मेलों का आयोजन केवल
कुछ बडे शहरों में ही होता है। उस पर भी यह इन बडे शहरों में केवल एक या दो जगह ही लगते हैं। इन मेलों का प्रयोजन तभी पूरा होगा
जब ये सभी जगह व बडी तादाद में लगाए जाए । किताब मेलों की उपयोगिता बेशक हमारी दुनिया में बेहद अधिक है। गरीब छात्रों और
पाठकों के लिए इनकी उपयोगिता और भी बढ जाती है। ज्ञान का आलोक फैलाने के लिए ऐसे मेलों का आयोजन किया जाना जरूरी है।
0 Comments